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Showing posts from March, 2026

सब्र की साधना ही जीवन को संपूर्ण बनाने की कुंजी

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सब्र की साधना जीवन को संपूर्ण बनाने की कुंजी मनुष्य का जीवन अनेक इच्छाओं, आकांक्षाओं और संघर्षों से भरा हुआ है। हम सब चाहते हैं कि हमारी हर कामना तुरंत पूरी हो जाए, हर प्रयास का फल शीघ्र मिल जाए और हर परिस्थिति हमारे अनुकूल बन जाए। लेकिन जीवन का सत्य यह है कि प्रकृति की गति धैर्य और समय के नियमों पर चलती है। इसी सत्य को अत्यंत सरल किन्तु गहन शब्दों में व्यक्त करते हुए आचार्य निखिल कहते हैं—  “सब से सब्र तो नहीं होता… पर सब्र से सब कुछ होता है।” आचार्य निखिल जब यह वाक्य कहते हैं, तो उनकी मनःस्थिति केवल उपदेश देने वाले गुरु की नहीं होती, बल्कि जीवन के अनुभवों से परिपक्व हुए एक ऐसे साधक की होती है जिसने मानव स्वभाव की अधीरता को भी देखा है और धैर्य की शक्ति को भी समझा है। वे जानते हैं कि मनुष्य का मन अत्यंत चंचल है। मन तुरंत परिणाम चाहता है, वह प्रतीक्षा को बोझ समझता है। इसलिए वे पहले ही स्वीकार कर लेते हैं कि “सब से सब्र नहीं होता।” यह स्वीकारोक्ति किसी निराशा की नहीं बल्कि मानव स्वभाव की यथार्थ समझ की अभिव्यक्ति है। मनुष्य अक्सर परिस्थितियों से हार नहीं मानता, बल्कि अपनी अधीरता से हा...

संगति की शक्ति और जीवन का संतुलन

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संगति की शक्ति और जीवन का संतुलन जब जीवन की यात्रा में मनुष्य अनेक अनुभवों से गुजरता है, तब उसे धीरे-धीरे यह समझ आने लगती है कि केवल परिस्थितियाँ ही सुख या दुःख का कारण नहीं होतीं, बल्कि उन परिस्थितियों में हमारे साथ कौन खड़ा है, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। इसी गहरे अनुभव को व्यक्त करते हुए आचार्य निखिल जी महाराज कहते हैं— “जीवन में सही लोग यदि साथ हों तो.. प्रतिकूल समय में भी अनुकूलन संभव हो जाता है।” इस वाक्य को कहते समय उनकी मनःस्थिति निश्चित ही जीवन के गहरे अवलोकन से उपजी रही होगी। वे देख रहे होंगे कि मनुष्य का जीवन उतार-चढ़ाव से भरा हुआ है। कभी समय अनुकूल होता है, तो कभी परिस्थितियाँ अचानक कठिन हो जाती हैं। लेकिन ऐसे समय में यदि हमारे साथ सच्चे, सकारात्मक और समझदार लोग हों, तो वही कठिन समय भी सहने योग्य बन जाता है। उनके हृदय में शायद यह करुण भाव रहा होगा कि लोग अक्सर धन, साधन और बाहरी सफलता को जीवन का सहारा समझ लेते हैं, जबकि वास्तविक सहारा तो अच्छे मनुष्यों की संगति होती है। गुरुजी अपने शिष्यों से कहते—बेटा, जीवन में तूफान आना स्वाभाविक है। कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसकी ...